सोनू और उनके पति मनोज वागरी मुम्बई के वडाला पुल के एक फुटपाथ पर बनी एक छोटी सी झोपड़ी बनाकर रहते थे।

17 मार्च को उनके दो बच्चे 5 साल का अंकुश और 4 साल का अर्जुन लापता हो गये अगले दिन पास में ही BMC के पार्क में टैंक में दोनों बच्चे अंकुश और अर्जुन के शव बरामद किये गये। सोनू के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे है।
जिस पार्क में दोनों बच्चों के शव बरामद किये गये वह नगरपालिका का है इस घटना के बाद परिसर की दीवारे ऊंची कर दी गई है। और टैंक में भी रोशनी कर दी गई है। आसपास के लोगों का कहना है कि अगर ऐसा पहले कर दिया जाता तो यह हादसा न होता ।

मुम्बई उच्चन्यायालय ने इस हादसे का संज्ञान लिया और महानगरपलिका को नोटिस जारी किया।
मुम्बई उच्चन्यायालय ने BMC से सवाल किया है कि मुम्बई में इंसानी जान की कीमत क्या है?
क्या बजट की कमी या पैसा न होने की सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहने का कारण माना जा सकता है।
अब बच्चो के रिश्तेदार की मांग है कि जो लोग इस घटना के जिम्मेदार है उन्हे सजा दी जाय।