
राजस्थान का कोटा, हर साल अलग- अलग शहरों से बच्चे IIT & NEET की तैयारी करने आते हैं। कुछ छात्र कामयाब होते है और कुछ नाकामयाब ।
IIT का सपना लिये हुए रचित भी कोटा में आकर किराये पर एक Room लिया ।
मध्य प्रदेश से आए राजस्थान के कोटा में IIT की तैयारी करने के लिए 16 साल छात्र रचित ने 11 फरवरी सबको अलविदा कह दिया ।
सुबह माँ का फोन आया था तब रचित ने कॉल रिसीव नहीं किया था बल्कि Message से जवाब दिया था की शाम को बात करेंगे। लेकिन रचित ने फोन नहीं किया जब सुबह माँ ने फोन किया तो mobile off आ रही थी।
रचित का पढ़ने में मन नहीं लगता था। उसके Room में एक Letter मिला उसमें लिखा था कि मेरा मन पढ़ाई में नहीं लगता।
वह हमेशा मोबाइल चलाया करता था पढ़ाई के मामले वह घर वालों से झूठ बोला करता था । Daily झूठ बोलना उसे अब बोझ लगने लगा था 11 फरवरी को उसने Coaching बताकर Hostel से निकला और फिर वापस नहीं आया।
आखिर 11 फरवरी के दिन क्या हुआ था?
11 फरवरी को जब माँ का काल आया था तो रचित ने फोन काट दिया था और शाम को बात करने के लिए बोला था जब सुबह फोन किया गया तो रचित का mobile switch off आ रहा था घबराये घर वाले कोटा पहुँच गये कोटा पहुंचकर कोचिंग में भी पता किए पता चला कि रचित 11 Feb के बाद कोचिंग आया ही नही फिर Police Complaint किया गया। Police ने रचिए के Room का ताला तोड़ा। कमरे के टेबल पर एक लेटर रखा था जिसमें खून लगा था Letter पर लिखा था Time to go forest Garediya Mahadev Temple, यहां से Police ने Garediya mahadev Temple के आस पास तलाश शुरु कर दी।
Garediya Mahadev Temple में Ticket window पर रचित को CCTV Camera पर देखा गया। Police को तलाशी के दौरान रचित का बैग, चप्पल व मोबाइल और रस्सी मिला। लेकिन रचित के बारे में कुछ पता नहीं चला रहा। Police के साथ SDRF की टीम भी जुटी थी रचित को ढूंढने में। 1 हफ्ते से ज्यादा हो गये लेकिन रचित का कोई ठोस पता नहीं चला। 9वें दिन रचित के पिता अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ जंगल में नीचे उतर गये और बेटे की तलाश शुरू कर दी। कुछ दूर जाकर उनको बदबू महसूस हुआ आगे देखा कि पेड़ के किनारे रचित की लाश पड़ी थी। रचित को देखते ही पिता ने रचित को उठा लिया। रचित ने 100 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई थी। शव की जानकारी मिलते ही मौके पर Police पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के बाद घर वालों को दे दिया परिवार वालों का आरोप है कि पोलीस वालों ने उनके बेटे की सही से तलाश नहीं की।
लेटर से पता चलता है कि रचित का मन पढाई में नहीं लगता था और ये सब Pressure झेल नही सका इसलिए उसने आत्महत्या कर ली।।