
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की पहली Under Water Metro Station का उद्घाटन किया है।
हावडा मैदान मेट्रो स्टेशन और स्प्लानेट मेट्रो स्टेशन के बीच यह Section हुगली नदी के नीचे बना हुआ है यहां ध्यान देने वाली बात ये है, कि यहां Underwater और Underground दोनों अलग-अलग मेद्रो है। Underground में जहां रेल लाइन को जमीन के नीचे बनाई जाती है वही Underwater में रेल लाइन को पानी के नीचे बनाया जाता है
कोलकाता में Under water Metro बनाने के लिए कंक्रीट टनन का इस्तेमाल किया गया है। यह टनन हुगली नदी की जो सतह है उससे 13 मीटर नीचे बनाई गई है।
हुगली नदी के नीचे बनी यह मेट्रो Section 16.6km लम्बा है इस Section में 6 स्टेशन है। उद्धाटन के बाद अब यह आम लोगों के लिए उपलब्ध है।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यह मेट्रो हुगली नदी के नीचे 520 मी० की दूरी को 45 second में तय करेगी।
क्या है Under Water metro की खास बातें?
इस Section पर Metro Autometic Train operation system से चलेगी।
इस System से Metro driver के एक बटन दबाने के बाद Metro अपने आप अगले स्टेशन पर रुकेगी।
जमीन की सतह से टनल की गहराई 33 मीटर है वहीं हुगली नदी के तल से इसकी गहराई 13 मीटर है।
इस Underwater Metro मे 5G की सुविधा दी जायेगी।
इस टनल को इंजीनियरों द्वारा ऐसा डिजाइन किया गया है की टनल के के अन्दर एक बूंद पानी भी नहीं जा सकता।
Metro की स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
हुगली नदी के अंदर बने इस टनल का डायमीटर 5.55 मीटर है।
पानी की लीकेज को रोकने के लिए टनल में हाई क्वालिटी के एम-50 ग्रेड के कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है।
टनल की अंदरुनी दीवार की मोटाई 275 मिलीमीटर है, इसमें भी एम-50 ग्रेड कंक्रीट यूज किया गया है।
इस project की शुरुआत कब हुई?
इस project का contract 2010 में Construction Company Afcons को दिया गया था।