जैसलमेर में ज़मीन फाड़ कर निकला पानियों का सैलाब।

राजस्थान के जैसलमेर के नहरी इलाक़े के मोहनगढ में ट्यूबवेल की खुदाई की जा रही थी, तभी अचानक से जमीन धंस गई, इस दौरान खुदाई में लगा ट्रक और मशीन दोनों गहरे गड्ढे में समाते चले गए,वहीं जमीन फटी और अचानक से बहुत तेज धार में पानी बाहर आने लगा जमीन से 8 से 10 फीट पानी उठते हुए देख ऐसा लग रहा था जैसे किसी ज्वालामुखी से लावा निकल रहा हो, पानी के साथ गैस और कीचड़ भी निकल रहे थे, हालांकि पानी पर काबू पा लिया गया है, वहीं ONGC अधिकारी जांच के लिए पहुंचे हैं।

जैसलमेर में ज़मीन फाड़ कर निकला पानियों का सैलाब।
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पानी के प्रवाह और गैस लीकेज को देखते हुए 500 मीटर के दायरे में आ रहे इलाके को प्रशासन ने खाली करा लिया है, और उधर तेल-गैस की कंपनी ONGC के अधिकारी मौके पर आए और जमीन से निकल रही गैस की जांच की है अधिकारियों ने लीक होने वाली गैस को सामान्य बताया है।

जल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया ने क्या कहा?

8 से 10 फीट उठ रहे फब्बारे को लेकर भू-जल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया ने खास चीजें बताईं, उन्होंने कहा कि पानी का ज्यादा दबाव है इसलिए यहां समुद्र की लहरों की तरह 8 से 10 फीट ऊंचाई तक उछल कर पानी बहने लगा है लगातार बहते पानी से किसान के खेत में पानी भर गया है, हालांकि यहां बालू मिट्टी होने के कारण जल भराव की गहराई ज्यादा नहीं हो पाई है।

वहीं जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने मोहनगढ़ की सुथार मंडी के 27 BD क्षेत्र में बोरवेल के 500 मीटर क्षेत्र में आमजन के आने जाने पर रोक लगा दी है अतिरिक्त जिला कलेक्टर पवन कुमार ने कहा कि रविवार को केयर्न एनर्जी कंपनी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने निरीक्षण किया है निरीक्षण की रिपोर्ट जल्द ही सामने आ जाएगी।

आसपास के खेत तालाब बने

मोहनगढ़ के उप तहसीलदार ललित चारण ने बताया- शनिवार रात को अचानक पानी का बहाव बहुत तेज हो गया था मौके पर चारों तरफ कीचड़ और पानी जमा हो गया है आसपास के खेत भी तालाब बन गए हैं हालांकि प्रशासन ने एहतियातन खेत को व आसपास का 500 मीटर के एरिया तक खाली करवा दिया है पानी के बहाव को कम करने के लिए प्रयास जारी हैं।

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देखते- देखते जमीन में समा गई 50 टन की मशीन

मोहनगढ़ उप-तहसील के 27BD के जोरा माइनर पर ट्यूबवेल खोदते समय हुई इस घटना के दौरान आस पास अपने आप ही पानी न‍िकलने के दौरान 50 टन की ट्यूबवेल खोदने वाली मशीन (क्रैन) पूरी तरह से जमीन में समा गई थी, जिसकी हाईट 50 फीट के आसपास बतायी जा रही है अभी वो फिलहाल इसी गड्ढे में ही है अधिकारियों का कहना है कि क्योंकि पहले लगातार पानी बाहर आ रहा था लिहाजा ट्यूबवेल को निकालने का रिस्क नहीं लिया गया है अब जब पानी का स्तर कम हो गया है तो प्रशासन और ग्रामीणों की आम सहमति से उसे जल्द बाहर निकालने की कार्यवाही की जाएगी।

विश्व हिंदू परिषद ने क्या दावा किया?

विश्व हिंदू परिषद ने दावा किया कि सरस्वती नदी का पानी उल्लेखनीय है कि यहां अचानक जमीन फटने और ढ़ेर सारा पानी निकलने के बाद इस पूरे मामले पर विश्व हिंदू परिषद ने अपनी राय रखी थी, जो की काफी चर्चा में हैं VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे लेकर अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने दावा करते हुए बताया कि ‘राजस्थान में एक समय में जहां सरस्वती नाम से नदी बहती थी लंबे समय से विलुप्त नदी आज ऊपर उठी है उन्होंने अचानक आए इस पानी को विलुप्त सरस्वती नदी का बताया था।

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