सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर ताइवान दहल उठा यह वो वक्त था जब लोग अपने दिन की शुरुआत करते है तभी भूकंप ने ताइवान को झकझोर कर रख दिया।

भूकम्प इतना तेज था कि इसके झटके चीन और जापान तक महसूस किये गये।
भूकम्प तो आया और पलभर में चला गया लेकिन भूकंप इतना तेज था कि ताइवान तबाही से दहल गया। मंजर बहुत दर्दनाक हो गया था चारों तरफ तबाही ही तबाही मची थी।
ताइवान में भूकम्प की वजह से कई इमारते ढह गयी कई जगह पर भूस्खलन आये। कई लोग बेघर हो गये।
बताया जा रहा है कि बहुत से लोग मलबे में दबे हुए हैं,जिसके कारण बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक भूकम्प का मंज़र बहुत भयानक था यह 25 सालों में सबसे भयंकर भूकंप आया था।
7.4 तीव्रता वाले भूकम्प का केद्र पहाड़ी प्रान्त ख्वालिएन के तट के पास था।

मिले जानकारी के अनुसार, अभी तक 9 लोगों के मारे जाने की और 1000 से अधिक घायल होने की खबरें सामने आई हैं।
ख्वालिएन इलाके का मंजर ऐसा था कि वहाँ की इमारतें काफी खतरनाक तरीके से झुक गयी थी।
ताइवान के लोगों का कहना है कि लम्बे समय से भूकंप नहीं आया था इसलिए यह भूकम्प काफी खतरनाक और डरावना था।
सबसे ज्यादा तबाही भूकम्प से हुए भूस्खलन ने मचायी ताइवान का पूर्वी तट ऊंचे पहाड़ों और गहरी घाटियों से बना ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र है, इसीलिए भूस्खलन हुआ और ढेर सारे पत्थर तेजी से नीचे गिरने लगें यहीं पर शायद 700 से ज्यादा लोग दबे होने की आशंका है। हलांकि बचाव अभियान बड़े पैमाने पर चल रही है। जरूरत मंदों को मदद दी जा रही।

ताइवान के निर्वाचित राष्ट्रपति लाई चिंगन्ते ने बचाव कर्मियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जो सबसे जरूरी काम है हमें अपने लोगों को बचाना हमें अभी यह पता लगाना होगा कि अभी कितने लोग फंसे है जिससे जल्द से जल्द उन्हें बचाया जा सके उन्हें बेहतर उपचार दिये जाय ताकि वे जल्दी से ठीक हो सके।