अक्सर हर किसी के साथ गर्मियों के मौसम में चेहरे पर छोटे-छोटे लाल Pimple निकलते है जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि इसमें जलन और खुजली होती है।

फालिकुलाइटिस क्या है?
जहाँ से हमारे शरीर में बाल निकलते है उसके रोम के इन्फेक्शन को फॉलिकुलाइटिस कहते हैं।
फॉलिकुलाइटिस में कुछ पस वाले दाने बन जाते है हेयर फॉलिकल यानी रोम के आसपास सूजन हो जाता है स्किन लाल पड़ जाती है। इसे ही फालिकुलाइटिस कहा जाता है।
फालिकुलाइटिस होने के कारण
फालिकुलाइटिस होने के बहुत सारे कारण होते है इसमें मुख्य कारण है बैक्टीरिया का इंफेक्शन।
बैक्टीरिया के इंफेक्शन में भी सबसे आम स्टैफिलोकोकस और स्यूडोमोनास है।
ये इंफेक्शन हमें कई चीजों की वजह से हो सकते हैं।
जैसे हॉट टब या स्विमिंग पूल में नहाने से।
दूसरा मुख्य कारण फंगल इंफेक्शन है फंगल की वजह से भी फालिकुलाइटिस हो सकता है।
कई बार यह किसी वायरस से भी हो सकता है किसी ट्रामा या दूसरी वजहों से भी यह हो सकता है।

आखिर में ये समस्या क्यों बढ़ जाती है?
इसके कई वजह हो सकते हैं।
• जिस व्यक्ति की स्किन ज्यादा ऑयली होती है उनमें ये फैलने की ज्यादा संभावना होती है।
• ये दाढ़ी,स्कैल्प जांघों और सीने वाले एरिया में ये ज्यादा होता है। अगर यह समस्या किसी को हो जाती है तो बहुत दर्द होता है और चिड़चिडापन महसूस होता है।
• गर्मियों में टाइट कपड़े पहनना भी बड़ा कारण है कपड़ा टाइट होने की वजह से पसीना ज्यादा आता है इससे बैक्टीरिया का विकास होता है फिर बैक्टीरिया स्किन में मौजूद ओपन पोर्स में जाकर उसे इंफेक्ट कर देता है जिसके कारण गर्मियों में फॉलिकुलाइटिस की समस्या बढ़ जाती है।
फालिकुलाइटिस से बचाव और इलाज
सबसे पहले गर्मियों में टाइट कपड़े न पहनें हल्का और काटन के कपड़े पहने।
जब जिम जाते है तो वहां बहुत पसीना आता है तो जिम के पसीने वाले कपड़े जल्दी बदल लें पसीने वाले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें ठण्डे पानी से नहाएं।
डाइट में भी कंट्रोल
• शुगर और आयली चीज़ों को अवाइड करें।
• शेविंग करते समय धारदार रेज़र का इस्तेमाल करें।
• अगर एक जगह फालिकुलाइटिस हो गया है तो वहां बार-बार हाथ न लगाएं।
• उसे फोड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें इससे वो बाकी जगह फैल सकता है।
• फालिकुलाइटिस के बाद शेविंग करने से से भी ये फैल सकता है।
• फालिकुलाइटिस के मरीज को एंटीबायोटिक दी जाती है।
• क्योंकि आमतौर पर यह बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से होता है।
एंटीबायोटिक दो तरीके से दी जाती है
• एक खाने के लिए।
• दूसरी क्रीम लगाने के लिए।
अगर इससे मरीज ठीक नहीं होता है तो कई बार यह फंगल की वजह से हो सकता है।
• इसमें एंटी-फंगल ट्रीटमेंट दिया जाता है।
• बहुत रेयर केस में वायरस की वजह से भी ये इंफेक्शन हो सकता है।
हमें अच्छे से इसका इलाज लेना चाहिए अपने आसपास स्किन के डाक्टर को दिखाना चाहिए अगर आपको छोटे-छोटे दाने की समस्या है तो उस जगह पर बार-बार हाथ नहीं लगाना चाहिए।
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