
हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका लड़का या लड़की अच्छी तरह से Education प्राप्त करे और अपने जीवन में Successful बने।
हर Parents चाहते है कि उनके बच्चे डाक्टर इंजीनियर बने इसकी तैयारी करने के लिए वे कोचिंग हब कहे जाने वाले कोटा शहर में करवाते है।
ऐसे ही एक Parents ने अपने बेटी 20 वर्षीय बेटी काव्या का दाखिला राजस्थान के कोटा शहर में करवाया जो Neet की preparation करने आयी थी दाखिल कराकर माता-पिता वापस मध्य प्रदेश के शिवपुरी आ गये। शाम के वक्त वे अपने बेटी से फोन पर बात करते थे सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन 18 मार्च दोपहर 3 बजे काव्या के पिता के मोबाइल पर बेटी का कुछ फोटो आता है, हाथ पैर रस्सी से बंधा होता है और मुँह ढका होता है।
Message में लिखा था कि अगर अपनी बेटी को सही सलामत चाहते हो तो खाते में 30 लाख Transfer करो Message में खाता नं. की पूरी detail भी थी।
काव्या के पिता को धमकाया भी गया कि अगर पैसा नहीं देंगें तो उनकी बेटी को जान से मार दिया जायेगा।
पिता ने शिवपुरी पुलिस स्टेशन में case दर्ज कराया और कोटा पुलिस स्टेशन में सारी बातों कोबताया। और कोटा के लिए रवाना हो गये।
यह मामला केन्द्रीय राज्य मंत्री ज्योतिरा सिंधिया के क्षेत्र से जुडा हुआ था तो उन्होने सबसे पहले इस मामले को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से फोन पर बात की फिर इसके बाद बच्ची के पिता से फोन पर बात की। उन्होने पिता को विश्वास दिलाया कि बेटी को लाना अब मेरी जिम्मेदारी है।
रघुवीर धाकड़ ने ये भी बताया कि 2 साल पहले इंदौर में रहकर काव्या तैयारी कर रही थी लेकिन वहां एक लड़का उसे परेशान कर रहा था। इसकी शिकायत उन्होंने इंदौर पुलिस को बताया था। बाद में बेटी को इंदौर से वापस बुला लिया फिर बाद में 6 महीने बाद बेटी को कोटा में एडमिशन करा दिया।
कोटा के एसपी अमृता दुहान ने बताया कि काव्या का किसी Coaching में उसका नाम और रजिस्ट्रेशन नं नही है। न ही किसी पी०जी० हास्टल में रह रही थी।अभी तक यही पता-चला है कि काव्या न तो किसी कोचिंग की छात्रा है और न किसी हास्टल में रह रही थी। हालांकि पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर लिया है। अब जब तक काव्या का पता नहीं चलेगा तब तक सारी सच्चाई सामने नही आएगी। पुलिस अपने काम में जुटी है।