भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में आधी रात को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए यह भूकंप गुरुवार 23 जनवरी की रात करीब 12:53 बजे आया नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 मापी गई और इसका केंद्र 106 किलोमीटर की गहराई में स्थित था भूकंप के झटकों से लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए अफरा तफरी का माहौल हो गया।

म्यांमार में भूकंप का क्या असर पड़ा?
हालांकि, इस भूकंप में किसी के हानि या संपत्ति के नुकसान की अभी कोई रिपोर्ट नहीं आई है भूकंप के केंद्र के आस-पास के इलाकों से नुकसान की स्थिति का पता लगाया जा रहा है म्यांमार में भूकंप के झटकों से लोगों में काफी भय हो गया लेकिन राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।
भूकंप का केंद्र और गहराई
भूकंप का केंद्र 24.68 N और 94.87 E पर स्थित था और यह 106 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया भूकंप के झटके काफी तेज़ थे जिससे लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल गए।
भारत में क्या हैं भूकंप के जोन
भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी 4 भागों में विभाजित किया है जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है।

म्यांमार के अलावा हाल ही में और भूकम्प आया?
गुरुवार को म्यांमार में भूकंप से पहले अफगानिस्तान में भी दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिनकी तीव्रता 4.0 से अधिक थी इसके अलावा, मेघालय में भी मंगलवार को मध्यम तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 4.1 थी।
मेघालय के दक्षिणी खासी हिल्स जिले में आया यह भूकंप भारतीय समयानुसार 12:30 बजे महसूस किया गया इस भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था इस भूकंप से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं थी, लेकिन क्षेत्र में भूकंप की गतिविधियों ने चिंता बढ़ा दी है।
म्यांमार से पहले तिब्बत में महीने की शुरुआत में 6 जनवरी को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे जिसमें कम से कम 126 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं क़़रीब 200 अन्य घायल हो गए थे भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके झटके नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत उत्तर भारतीय हिस्सों में भी महसूस किए गए थे अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे (USGS) के मुताबिक़ भूकंप का केंद्र चीन के तिब्बत में था जहां पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था।
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