तेलंगाना में भूकंप के तेज झटके से कांपी धरती earthquake in telangana

तेलंगाना के मुलुगु जिले में बुधवार की सुबह 5.3 तीव्रता का भूकंप आया नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैदराबाद में भी ये झटके महसूस किए गए भूकंप महसूस होने के बाद लोगों के बीच दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए किसी के हताहत होने या बड़ी क्षति की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं है अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं निवासियों को भूकंप के दौरान सतर्क रहने और भीड़-भाड़ वाली या असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

तेलंगाना में भूकंप के तेज झटके से कांपी धरती earthquake in telangana
                                           Image source: Instagram

किन जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए

तेलंगाना में आए भूकंप ने वहाँ के रहने वाले लोगों को परेशान कर दिया है कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए करीब तीन सेकेंड तक जमीन के हिलने की खबर है भूकंप के कारण लोग अपने घरों से बाहर भागे खम्मम, महबुबाबाद, नलगोंडा, वारंगल, हनुमाकोंडा, रंगारेड्डी, हैदराबाद, संगारेड्डी, मंचिरयाला और भद्राद्री जिलों के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए झटके मुख्य रूप से खम्मम जिले के कोठागुडेम, चार्ला, चिंताकानी, नागुलवंचा, मनुगुरु और भद्राचलम इलाकों में महसूस किए गए।

एपी के कृष्णा और एलुरु जिलों के कुछ हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस किए गए अधिकारियों के मुताबिक मुख्य रूप से गोदावरी जलग्रहण क्षेत्र के साथ-साथ कोयला बेल्ट क्षेत्र में सबसे अधिक भूकंप आया अधिकारियों ने बताया कि रिकॉर्ड पैमाने पर 5.3 की तीव्रता से धरती हिली बता दें कि तेलंगाना में भूकंप बहुत कम आते हैं, इसलिए लोग पहले समझ ही नहीं पा रहे थे कि सच में भूकंप आया है।

भूकंप के झटकों के बाद अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इससे कितना नुकसान हुआ है इसका असर करीब 200 किलोमीटर दूर हैदराबाद तक देखा गया।

आखिर भूकम्प क्यूँ आते हैं?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं जो लगातार घूमती रहती हैं जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती है नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती है और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?

भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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