अभी पूरा देश कोविड-19 जैसी महामारी से पीछा छुड़ाया है तभी अब खबर आ रही जापान में एक नई बीमारी ने दस्तक दी है जिसका नाम बोलचाल भाषा में Toxic shock syndrome है। बताया जा रहा है कि यह मांस खाने वाले बैक्टीरिया की वजह से हो रहा है लेकिन ऐसा कुछ नही है असलियत में बैक्टीरिया मांस नहीं खाते है यह असल में ऊतकों को नष्ट करते है कहा जा रहा है कि यह बीमारी बहुत खतरनाक है क्योंकि इस बीमारी के होने से मरीज की 48 घण्टों में मौत हो जाती है।

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इस बीमारी की पहचान
डाक्टरों के मुताबिक पहले मरीज के शरीर खासकर पैर में सूजन आ जाता है फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है तब मरीज की 48 घण्टों में मौत हो जाती है।
यह बीमारी कौन-कौन से देशों में फैली है ?
यह बीमारी जापान के अलावा पांच और देशों में फैल गई है जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस आयरलैण्ड, स्वीडन और नीदरलैण्ड है।
स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम क्या होता है।
जब किसी बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से शरीर में टाक्सिंस फैल जाता है तब उससे पैदा होने वाले लक्षणों को टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम जाता है डाक्टरों के मुताबिक यह एक जानलेवा बीमारी है अगर समय से इसका इलाज न किया गया तो मरीज की जान जा सकती है।
बीमारी होने का कारण
यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो आमतौर पर स्टेफिलोकोकस बैक्टीरिया की वजह से होता है।

टाक्सिक शाक सिंड्रोम के लक्षण
• इस बीमारी का सबसे आम लक्षण बुखार आना
• अगर शरीर के किसी हिस्से में चोट लगी कोई घाव फूट गया गया है या सर्जरी हुई है वहां बहुत ज्यादा दर्द हो सकता है।
• आपका ब्लड प्रेशर लो होने लगेगा और मरीज को बेहोशी और सुस्ती होने लगती है।
बचाव और इलाज
अगर समय रहते इसका इलाज न किया गया तो यह बीमारी जानलेवा हो जाती है इस बीमारी के होने पर घर पर कोई इलाज न करे तुरंत अपने नजदीकी डाक्टर से सम्पर्क करें बचाव के लिए सबसे जरुरी बात यह है कि इस बीमारी को हल्के में न लें इससे बचाव के लिए मरीज को आइवी फ्लूड दिए जाते हैं और बीपी सही रखने के लिए की बार बीपी बढ़ाने की दवा भी दी जाती है अगर शरीर मे कहीं भी कटा हो या घाव हो तो उसकी ड्रेसिंग करें या अस्पताल ले जाएं।
हालांकि की यह बीमारी भारत में नहीं फैली है लेकिन इससे बचने की जरूरत है यदि घाव है तो उसकी ड्रेसिंग करें या डाक्टर से सलाह लें।
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